भागलपुर।महात्मा गांधी और जिन्ना के बीच जो रिश्ते थे, क्या उनमें खटास ज्यादा थी या प्रेम? यह एक ऐसा सवाल है जो देश के लिए हमेशा से ही कठिन सवाल बन कर सामने आता रहा है। लेकिन सवाल की इस मझधार में कुछ दुर्लभ फोटो भी हैं जो यह बतलाते हैं कि इन दोनों के बीच सब कुछ सामान्य था। ऐसी दुर्लभ फोटो को भागलपुर जिले के सबौर युनिर्वसिटी के पुस्तकालय में देखा जा सकता है। गांधीजी के जीवन के सारे अनछुए पहलू जो आज तक एक जगह नहीं देखे जा सके हैं, वह सारा कुछ यहाँ संरक्षित है।
दिल्ली से खरीद कर लाया गया था एलबम
पुस्तकालय के एलबम में गांधीजी के द्वारा लिखा एक ऐसा संदेश भी है, जिसे पढऩे के बाद गांधीजी की सोच को समझने में असानी होती है। अब अगर इस एलबम की बात करें तो इसको 1950 के आसपास भागलपुर लाया गया था। उस वक्त महाविद्यालय के प्रिंसपल ने अपने छात्रों के लिए दिल्ली से खरीद कर यहां रखा था।
तब से आजतक यह एलबम खास बन गया है, ताकि गांधी के अनछूए पहलुओं को देखकर उनके विचारों को लोग अपना सकें। इस एलबम को बारीकी से देखा व पढ़ा जाय तो गांधीजी की बाल्यावस्था का अनमोल चित्र भी दिख जायेगा जिसमें वो मां की गोद में खेलते दिख रहे हैं। जवान गांधी जब कोट-पैंट पहनते थे तो किस तरह दिखते होगें और जब वो पहली बार स्कूल गये तो उनका स्कूली ड्रेस कैसा था, यह सब तस्वीरों में दिख रहा है। इन सबों के अलावे जब अहिंसा के इस पुजारी ने अपना राजनीतिक जीवन आरंभ किया तो उस समय गांधी की क्या सोच थी। फोटो के साथ पूरा विवरण देखा जा सकता है।