Saturday, 17 September 2011

वास्तुशास्त्र मुख्य सैद्धांतिक बातें



हम वास्तुशास्त्र की प्रमुख सैद्धांतिक बातों को बतला रहे हैं । इन पर अमल करके बिना तोड़फोड़ किए ही वास्तुदोषों से छुटकारा पाकर जीवन में सुख-समृद्धि लाई जा सकती है ।

* घर का मुख्य द्वार किसी अन्य के घर के मुख्य द्वार के ठीक सामने न बनाएं ।
* घर के आंगन में तुलसी का पौधा लगाएं और आंगन का कुछ भाग मिट्टी वाला भी रखें ।
* रसोई घर मुख्य द्वार के ठीक सामने न बनाएं । ऐसा होने से अतिथियों का आवागमन होता रहता है ।
* पूजागृह, शौचालय व रसोईघर पास-पास न बनवाएं ।
* विद्युत उपकरण आग्नेय कोण (दक्षिण-पूर्व) में रखें ।
* घर में टूटे-फूटे बतरन, टूटा दर्पण, टूटी चारपाई न रखें । इनमें दरिद्रता का वास होता है ।
* दर्पण, वास बेसिन व नल ईशान कोण में रखें ।
* किसी भी मकान में दरवाजे व खिड़कियां ग्राउण्ड फ्लोर में ही अधिक रखें । उसके बाद प्रथम, द्वितीय मंजिलों में कम करते जाएं ।
* बच्चों के अध्ययन की दिशा उत्तर या पूर्व होती है । यदि बच्चे इन दिशाओं की ओर मुंह करके अध्ययन करें तो स्मृति बनी रहती है
*रात्रि में बर्तन झूठे न रखें ।
* जल निकास उत्तर-पूर्व में रखें ।
* यदि घर में घड़ियां हैं और वे ठीक से नहीं चल रही हैं तो उन्हें ठीक करा लें । घड़ी गृहस्वामी के भाग्य को तेज या मंदा करती है ।
* पूजागृह व शौचालय सीढ़ियों के नीचे न बनाएं ।
* अन्‍नागार, गौशाला, रसोईघर, गुरू स्थल व पूजागृह जहां हो उसके ऊपर शयनकक्ष न बनाएं । यदि वहां शयनकक्ष होगा तो धन-संपदा का नाश हो जाएगा ।
* शयन करते समय सिरहाना पूर्व या दक्षिण दिशा की ओर रखने से धन व आयु की बढ़ोत्तरी होती है । उत्तर की ओर सिरहाना रखने से आयु की हानि होती है ।
* घर में सात्त्विक प्रवृत्ति के पक्षियों के जोड़े वाला चित्र रखें । इससे परिवार का वातावरण माधुर्यपूर्ण रहेगा ।
* घर के मुख्य द्वार पर नीबू या संतरे का पौधा लगाएं । ये पौधे संपदा बढ़ाने वाले होते हैं ।
* घर के मुख्य द्वार पर बाहर की ओर पौधे लगाएं ।
* परिवार के सदस्यों में माधुर्य भाव बना रहे, इसके लिए सभी सदस्यों का एक हंसमुख सामूहिक चित्र ड्राइंगरूम में लगाना चाहिए ।
* घर में झाडू व पोंछा खुले स्थान पर न रखें । खासकर भोजन कक्ष में झाडू नहीं रखनी चाहिए । इससे अन्‍न व धन की हानि होती है । रात्रि में झाडू को उलटी करके घर के बाहर मुख्य दीवार के सामने रखने से चोरों को भय नहीं रहता ।
* पति-पत्‍नी में माधुर्य संबंधों के लिए शयनकक्ष के नैऋत्य कोण (दक्षिण-पश्‍चिम) में प्रेम व्यवहर करते पक्षियों का जोड़ा रखना चाहिए ।
* शौच से निवृत्त होने के बाद शौचालय का द्वार बंद कर दें । यह नकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक है ।
* दिन में एक समय परिवार के सभी सदस्यों को एकसाथ भोजन करना चाहिए । इससे परस्पर संबंधों में प्रगाढ़ता आती है ।

j.h.khan

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