Sunday, 4 September 2011

क्या आप मक्कार हैं?

अगर आप अपने काम को बोझ समझते हैं, निरंतर सुधार और बेहतरी की और नहीं बढ़ते हैं तो कोई हक नहीं आपको देशप्रेम के गानों पर झूमने और नाचने का। अगर आप सिर्फ अपने बॉस को दिखाने के लिए काम करते हैं। उनकी अनुपस्थिति में आप केंटिन की शोभा बढ़ाते हैं या दूसरी टेबलों पर गपियाना आपका प्रिय शगल है तो अप्रत्यक्ष रूप से आप अपने देश का नुकसान कर रहे हैं। 

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